राज्य

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नवीनतम वैज्ञानिक खोजों को खेतों से जोड़ना जरूरी – मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया एन.के.सी. सेंटर फॉर जीनोमिक्स रिसर्च का शुभारंभ
  • August 27, 2021
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि विज्ञान के क्षेत्र में हो रही नवीनतम खोजों और विकसित हो रही तकनीक को किसान के खेत से जोड़ना जरूरी है। एग्री जीनोमिक्स ऐसा वैज्ञानिक क्षेत्र है, जिससे अधिक उपज, कीट प्रतिरोधक क्षमता और फसल की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है। किसानों को अद्यतन वैज्ञानिक जानकारियाँ उपलब्ध कराने में श्री नंदकुमार सिंह चौहान (एन.के.सी.) सेंटर फॉर जीनोमिक्स रिसर्च मील का पत्थर साबित होगा।

       मुख्यमंत्री श्री चौहान ने न्यूक्लियोम इंफॉर्मेटिक्स द्वारा हैदराबाद में स्थापित सेंटर का मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल शुभारंभ कर रहे थे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, सांसद श्री अजय प्रताप सिंह तथा श्री राजेन्द्र गेहलोत, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के.विजयराघवन, केन्द्रीय पशुपालन सचिव श्री अतुल चतुर्वेदी भी कार्यक्रम में वुर्चअली शामिल हुए।
प्रदेश में स्थापित होगी एशिया की सबसे बड़ी जीनोमिक्स लेब

       न्यूक्लियोम इंफॉर्मेटिक्स के प्रबंध संचालक श्री दुष्यंत सिंह बघेल ने बताया कि उनके संस्थान द्वारा इंदौर में एशिया की सबसे बड़ी जीनोमिक्स लेब 165 करोड़ की लागत से स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि लेब की स्थापना में राज्य सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।

डीएनए विधेयक पारित कराने में श्री नंद कुमार चौहान की रही महत्वपूर्ण भूमिका

       मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निमाड़ क्षेत्र में स्व. श्री नंदकुमार सिंह चौहान द्वारा कृषि के उन्नयन के लिए किए गए प्रयासों का स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा संसद में डीएनए विधेयक को पारित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके परिवार द्वारा कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में देश के किसानों को वैश्विक स्तर की वैज्ञानिक जानकारियाँ उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।

सोयाबीन की फसल सुधार में सहायक होगा एग्री जीनोमिक्स

       मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन की फसल लगातार खराब हो रही है। इससे किसान बहुत अधिक प्रभावित हैं। एग्री जीनोमिक्स के उपयोग से सोयाबीन की फसल में सुधार के प्रयोग किए जा सकते हैं। इससे प्रदेश के किसानों को लाभ होगा।

       उल्लेखनीय है कि एग्री जीनोमिक्स एक वैज्ञानिक क्षेत्र है, जो फसल सुधार में योगदान दे रहा है। इससे फसल में कीट प्रतिरोधक क्षमता, पौधों के स्ट्रेस टोलरेंस में सुधार कर बेहतर गुणवत्ता की फसलों का अधिक उत्पादन संभव होता है। न्यूक्लियोम इंफॉर्मेटिक्स ने इस क्षेत्र में 2013 में अपनी यात्रा आरंभ की। संस्था द्वारा पशुओं की जीनोम सिक्वेंसिंग का भी कार्य किया जा रहा है।

Subscribe

Contact No.

+91-9770185214

Email

cleanarticle@gmail.com

Location

Prem Nagar Indra Bhata, H.no-509, Vidhan Sabha Road, Near Mowa Over Bridge, Raipur, Chattisgarh - 492007

Visitors

5643